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उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां रात 9:51 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। वे लंबे समय से बीमार थे।
केंद्र सरकार ने 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। साथ ही कल के सभी कार्यक्रम कैंसिल कर दिए गए हैं। डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व के सबसे बड़े विद्वान अर्थशास्त्री सरदार मनमोहन सिंह जी का निधन।
"ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें "
परिचय:
डॉ. मनमोहन सिंह (26 सितंबर 1932 – 26 दिसंबर 2024) एक प्रमुख भारतीय अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने 2004 से 2014 तक भारत के 13वें प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की। वे भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री थे और स्वतंत्र भारत के आर्थिक सुधारों के प्रमुख वास्तुकार माने जाते हैं।
व्यक्तिगत जीवन: डॉ. सिंह की पत्नी का नाम गुरशरण कौर है, और उनकी तीन पुत्रियां हैं। अपने विनम्र स्वभाव, विद्वत्ता, और नीतिगत दृढ़ता के लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।
सम्मान और पुरस्कार:
डॉ. सिंह को उनके योगदान के लिए कई सम्मान मिले, जिनमें 1987 में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म विभूषण' शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्हें कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड सहित कई विश्वविद्यालयों से मानद उपाधियाँ प्राप्त हुईं।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:
डॉ. सिंह का जन्म अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत (अब पाकिस्तान) के गाह गांव में हुआ था। देश के विभाजन के बाद, उनका परिवार भारत आ गया। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की, तत्पश्चात कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी ऑनर्स (1957) और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डी.फिल. (1962) की उपाधि प्राप्त की।
शैक्षणिक और प्रारंभिक करियर:
डॉ. सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अध्यापन किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) में सलाहकार के रूप में भी कार्य किया। बाद में, वे वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार (1971), वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार (1972), योजना आयोग के उपाध्यक्ष, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार, और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे।
राजनीतिक जीवन:
1991 में, प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल में, डॉ. सिंह को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया। इस दौरान, उन्होंने व्यापक आर्थिक सुधारों की शुरुआत की, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण, निजीकरण, और वैश्वीकरण की दिशा में अग्रसर किया गया। उनकी नीतियों ने भारत को आर्थिक संकट से उबारकर विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया।
2004 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की जीत के बाद, डॉ. सिंह भारत के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 2009 में पुनः प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, जिससे वे जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार दो कार्यकाल पूरे करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बने।
निधन:
26 दिसंबर 2024 को, डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई, और उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
डॉ. मनमोहन सिंह के 6 ऐतिहासिक काम:
- जून 1991: वैश्वीकरण और उदारीकरण
- जून 2005: सूचना का अधिकार
- सितंबर 2005: रोजगार गारंटी योजना
- मार्च 2006: अमेरिका से न्यूक्लियर डील
- जनवरी 2009: पहचान के लिए आधार कार्ड
- अप्रैल 2010: शिक्षा का अधिकार
डॉ. मनमोहन सिंह की विरासत:
- मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब के गाह (अब पाकिस्तान) में हुआ था। उनके पिता का नाम गुरुमुख सिंह और मां का नाम अमृत कौर था।
देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत चला आया। यहां पंजाब विश्वविद्यालय से उन्होंने ग्रेजुऐशन और PG पूरा किया। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से Ph.D और ऑक्सफोर्ड से डी. फिल भी की।
- मनमोहन सिंह पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर रहे। 1966-1969 के दौरान संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के लिए आर्थिक मामलों के अधिकारी के रूप में चुने गए थे।
- 1971 में मनमोहन को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया गया। 1972 में उन्हें वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया गया।
- इसके बाद वे योजना आयोग के उपाध्यक्ष, 1982 से 1985 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान (UGC) आयोग के अध्यक्ष भी रहे।
- 1991 में असम से राज्यसभा सदस्य चुने गए। इसके बाद वह साल 1995, 2001, 2007 और 2013 में फिर राज्यसभा सदस्य रहे।
- 1998 से 2004 तक जब भाजपा सत्ता में थी, तब वही राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे। 1999 में उन्होंने दक्षिणी दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के विजय कुमार मल्होत्रा से हार गए।
- मनमोहन सिंह, 2004 में देश के 14वें प्रधानमंत्री बने और मई 2014 तक इस पद पर दो टर्म रहे। वे देश के पहले सिख और चौथे सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे।
- मनमोहन सिंह RBI के गवर्नर थे फिर 10 साल देश के पीएम रहे।
- 1991 से 1996 तक प्रधानमंत्री नरसिम्हाराव सरकार में वित्तमंत्री रहे। 2004 और 2009 में 10 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे।
"डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन और कार्य भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में उनके अमूल्य योगदान के लिए सदैव याद किया जाएगा"!
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