Advertisement

राज्य सरकार की 25 फ्लैगशिप योजनाएं / कार्यक्रम

Advertisement
This current affairs quiz is designed to test your knowledge and guide your preparation for competitive exams like UPSC, SSC, Banking, and Railways. Stay updated on major developments, national and international issues, government policies, economic updates, sports highlights, and breakthroughs in science and technology. Strengthen your preparation by solving this quiz and gaining an edge with the latest trending topics

Advertisement
Related Post: 29 March 2025 Current Affairs in English & Hindi

राज्य सरकार की 25 फ्लैगशिप योजनाएं / कार्यक्रम

राज्य सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों के व्यक्तियों के सशक्तीकरण तथा उन्हें विकास की मुख्य धारा में लाने के उद्देश्य हेतु राज्य सरकार द्वारा राज्य निधि से संचालित व केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं/कार्यक्रमों में से निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के 25 फ्लैगशिप कार्यक्रम घोषित किये गये -

ऊर्जा विभाग की योजनाएं


1. प्रधानमंत्री कुसुम योजना

  • नवीन एंव नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा मार्च 2019 में इस योजना को प्रारम्भ किया गया।
  • सौर पंपों और ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान "कुसुम" योजना प्रारम्भ की गई है।
घटक विवरण
घटक A2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना।
घटक B7.5 एचपी क्षमता तक के स्वतंत्र 20 लाख सौर ऊर्जा चालित कृषि पंपो की स्थापना।
घटक Cग्रिड से जुडे 7.5 एचपी क्षमता तक के 15 लाख सौर ऊर्जा चालित कृषि पंपो का सौरीकरण

(i) कम्पोनेन्ट-ए(ii) कम्पोनेन्ट-सी (फीडर लेवल सोलराईजेशन)
  •  प्रथम चरण- संचालन- राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL)
  • दिसम्बर, 2024 तक 602 मेगावॉट क्षमता के 489 सौर ऊर्जा संयंत्रों के विद्युत क्रय अनुबंध (पीपीए) किये जा चुके हैं।
  • द्वितीय चरण- संचालन राजस्थान डिस्कॉम्स
  • 23 जुलाई, 2024 को राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग के निर्देशानुसार राजस्थान डिस्कॉम्स को हस्तांतरित कर दिया गया।
  • इस चरण के तहत 1,000 मेगावाट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमे से JVVNL को 335 मेगावाट AVVNL को 330 मेगावाट और JDVVNL को 335 मेगावाट आवंटित किया गया है।
  • 28 अक्टूबर, 2024 को राजस्थान विद्युत नियामक आयोग (REIC) ने ₹3.04 प्रति यूनिट की पूर्व निर्धारित स्तरित टैरिफ को स्वीकृति प्रदान की
  • एक या अधिक अलग-अलग कृषि फीडरों की बिजली की आवश्यकता को उस फीडर को बिजली की आपूर्ति करने के लिए कैपेक्स मोड या रेस्को मोड के माध्यम से स्थापित किया जा सकता है।
  • MNRE द्वारा 4,00,000 पम्प सेटों को सौर ऊर्जाकरित करने का लक्ष्य स्वीकृत किया गया है।

◼️पहचान की गई क्षमता इस प्रकार है:-
।. योजना के अन्तर्गत चयनित कुल सब स्टेशन - 5,020
II. सौर्यकरण हेतु लक्षित कृषि उपभोक्ता -14.21 लाख सोलर पावर प्लांट की लक्षित क्षमता 17.155 मेगावॉट
  • राजस्थान डिस्कॉम द्वारा 4444 मेगावाट एसपीवी संयंत्र क्षमता के 3.13 लाख कृषि पम्प को सौर ऊर्जाकरित करने हेतु लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) जारी किए जा चुके हैं, जिसमे से दिसम्बर, 2024 तक 93.41 मेगावाट क्षमता के 36 ऊर्जा संयंत्र चालू हो चुके हैं।

Advertisement
Related Post: Current Affairs March 2025: मार्च महीने के लेटेस्ट करेंट अफेयर्स यहां देखे

2. संशोधित वितरण क्षेत्र योजना

  • भारत सरकार ने पूर्व-योग्यता मानदंडों को पूरा करने और बुनियादी न्यूनतम बेंचमार्क प्राप्त करने के आधार पर आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए डिस्काम्स को परिणाम से जुड़ी वित्तीय सहायता प्रदान करके डिस्काम्स को उनकी परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिरता में सुधार करने में मदद करने के लिए संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को मंजूरी दी है।
  • इस योजना का 5 वर्षों यानी वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 में 3,03,758 करोड़ रुपये का परिव्यय है।
  • लक्ष्य : - 2024-25 तक एटी एंड सी घाटे (ऊर्जा हानि) को अखिल भारतीय स्तर पर 12-15% तक कम करना।
  • 2024-25 तक एसीएस-एआरआर अंतर को शून्य करना।
  • वित्तीय रूप से टिकाऊ और परिचालन रूप से कुशल वितरण क्षेत्र के माध्यम से उपभोक्ताओं के लिए बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सामर्थ्य में सुधार।

योजना में निम्नलिखित घटक हैं:
  • भाग ए - प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग और सिस्टम मीटरिंग के लिए वित्तीय सहायता और वितरण अवसंरचना का उन्नयन।
  • भाग बी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण और अन्य सक्षम और सहायक गतिविधियाँ।

महिला अधिकारिता विभाग


3. लाडो प्रोत्साहन योजना (Lado Incentive schemes)

  • शुभारंभ - 1 अगस्त 2024
  • पहली किस्त 14 दिसम्बर 2024
  • महिला सम्मेलन - उदयपुर
  • पात्रता- 1 अगस्त, 2024 के बाद जन्म लेने वाली बालिकाएं।
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 8 मार्च 2025 को योजना की राशि को 1 लाख से बढाकर 1.50 लाख कर दी है।
  • लाभ-गरीब परिवार में जन्म लेने वाली बालिकाओं के पालन-पोषण की चिंता माता-पिता को नहीं हो, इसलिए बालिका के जन्म से लेकर 21 वर्ष पूर्ण करने तक राज्य सरकार द्वारा कुल 7 किश्तों में 1.50 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

 किश्त समयअनुदान 
 1पात्र चिकित्सा संस्थान में प्रसव के समय बालिका जन्म पर 
5000
 2आयु एक वर्ष एवं समस्त टीकाकरण होने पर5000
 3राजकीय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल में पहली कक्षा मे प्रवेश पर10000
 4राजकीय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल में छठी कक्षा में प्रवेश पर15000
 5राजकीय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल में 10वीं कक्षा में प्रवेश पर20000
 6राजकीय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल में 12वीं कक्षा में प्रवेश पर25000
 7राजकीय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेज से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने एवं एवं 21 वर्ष आयु पूर्ण करने पर70000
  कुल150000

Advertisement
Related Post: Daily Current Affairs Series 2025: रोज समसामयिक घटनाएं और परीक्षा में महत्वपूर्ण प्रश्न यहां देखें

कृषि एवं उद्यानिकी विभाग


4. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)

शुरू - 2015 में
नोडल एजेंसी - उद्यानिकी विभाग
उद्देश्य - हर खेत को पानी उपलब्ध कराना
वित्तीय पैटर्न - केन्द्र: राज्य (60:40)
टैग लाइन - "प्रति बूंद - अधिक फसल" (Per Drop - More Crop)
  • जल प्रबंधन के कारण सिंचित भाग में वृद्धि होगी जिस कारण कृषि उत्पादन भी बढेगा।
  • जल प्रबंधन की नई तकनीकों को बढ़ावा दिया जायेगा 1. फव्वारा पद्धति 2. बूंद-बूंद सिचाई पद्धति

जल ग्रहण विकास घटक-पीएमकेएसवाई 2.0
  • डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0 के अंतर्गत, वर्ष 2021-22 और 2022-23 में ₹1,858.85 करोड़ की लागत से 30 जिलों को कवर करते हुए 7.50 लाख हेक्टेयर के उपचार के लिए 149 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
  • इस योजना के अंतर्गत की जाने वाली प्रमुख गतिविधियां निम्नलिखित हैं:-
  • प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे रीज क्षेत्र उपचार, जल निकासी रेखा उपचार, मृदा और आर्द्रता संरक्षण गतिविधियां ।
  • जल संचयन संरचनाएं जैसे चेक डेम, नाला बांध, खेत तालाब, टैंक, एनीकट, अमृत सरोवर कार्य आदि।
  • प्रभावी वर्षा प्रबंधन जैसे खेत बांधना, कंटूर बांधना / खुदाई, चरणबद्ध खुदाई, भूमि समतल करना, मल्चिंग आदि।
  • लाभार्थियों की भागीदारी के लिए क्षमता निर्माण और प्रवेश बिंदु गतिविधियां ।
  • उत्पादन गतिविधियां जैसे नर्सरी स्थापना, वनारोपण, बागवानी, चारागाह विकास कार्य आदि।
  • परिसम्पतिहीन व्यक्तियों, महिलाओं के लिए आजीविका गतिविधियां और लघु व सीमांत किसानों के लिए सूक्ष्म उद्यम।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-सूक्ष्म सिंचाई (पी.एम.के.एस.वाई.एम.आई.)
1. राज्य का 91,250 हैक्टेयर क्षेत्र ड्रिप, मिनी फव्वारा संयंत्रों सिंचाई के अन्तर्गत आता है।
2. राज्य का 1,28,514 हैक्टेयर क्षेत्र फव्वारा सिंचाई के अन्तर्गत आता है।

  • सूक्ष्म सिंचाई की ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीकें जल प्रबंधन की सबसे कारगर पद्धतियाँ हैं, जिससे फसल की पैदावार और गुणवत्ता में वृद्धि के साथ-साथ जल की बचत भी होती है।
  • इस प्रणाली को अपनाने की क्षमता बढ़ाने के लिए, विभिन्न श्रेणियों के किसानों को सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

1. सामान्य किसान 70 प्रतिशत (27 प्रतिशत केंद्रीय हिस्सा, 18 प्रतिशत राज्य हिस्सा और 25 प्रतिशत अतिरिक्त राज्य हिस्सा) सब्सिडी के लिए पात्र हैं।
2. अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति/महिला/ लघु और सीमांत किसान 75 प्रतिशत (22-33 प्रतिशत केंद्रीय हिस्सा, 18-22 प्रतिशत राज्य हिस्सा और 20-30 प्रतिशत अतिरिक्त राज्य हिस्सा) सब्सिडी के लिए पात्र हैं।
  • इस योजना के अन्तर्गत दिसम्बर, 2024 तक ₹123.79 करोड़ खर्च किए गए हैं। माह दिसम्बर, 2024 तक, 34,469 हेक्टेयर तथा 56,727 हेक्टेयर क्षेत्र को क्रमशः ड्रिप व मिनी स्प्रिंकलर तथा सिंचाई के अंतर्गत लाया गया है।

वन विभाग


5. हरियालो राजस्थान मिशन

  • शुभारंभ - 7 अगस्त, 2024 (जाहोता - दूदू) जयपुर।
  • यह अभियान 'एक पेड़ माँ के नाम अभियान' से प्रेरित है।
  • लक्ष्य - अभियान के तहत वर्ष 2024-25 में कुल 7 करोड पौधे लगाये गए तथा वर्ष 2025-26 में कुल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • अभियान के तहत अगले 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया हैं।
  • राजस्थान को हरित प्रदेश बनाने के लिए वर्ष 2028 तक वन क्षेत्र में 20 हजार हेक्टेयर की वृद्धि करने की घोषणा।
  • हरियालो राजस्थान मिशन के तहत् आगामी पाँच साल में 4 हजार करोड़ रुपये से विकास कार्य करवाए जाएंगे।
  • मिशन के तहत् प्रत्येक जिले में आमजन की सहभागिता से एक-एक मातृवन की स्थापना होगी।
  • खेजड़ली-जोधपुर में अमृता देवी विश्नोई इंडिजनस प्लांट म्यूजियम की स्थापना होगी।
  • एक जिला एक नस्ल कार्यक्रम चलाए जाने के साथ ही 2 हजार स्थानीय व्यक्तियों को वन मित्र बनाया जाएगा।
  • प्रदेश में 10 करोड़ पौधे तैयार करने के लिए 50 नर्सरियां बनाई जाएंगी तथा प्रत्येक जिले में 2-2 ग्रीन लंग्स पार्क बनाए जायेगे।
  • जयपुर झालाना में फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ ट्रैनिंग कम मैनेजमेंट इन्स्टीट्यूट खोला जाएगा।
  • वर्ष 2025-26 में राज्य का पहला ग्रीन बजट लाया गया है।

राज्य सरकार की 25 फ्लैगशिप योजनाएं / कार्यक्रम पीडीएफ डाउनलोड यहां क्लिक करें 


Next schemes......(Soon)

Keywords:-
Rajasthan government schemes, Rajasthan Urja Vibhag Yojana, Prime Minister Kusum Scheme, Rajasthan Mahila Vibhag schemes, Lado Incentive schemes, Lado protsahan Yojana, Rajasthan Krishi & Udyaniki Vibhag, Hariyalo Rajasthan Mission

अधिक अपडेट्स और विस्तृत जानकारी के लिए CareerJyoti पर विजिट करते रहें। सरकारी नौकरी की ताज़ा सूचनाओं और परीक्षा परिणामों के लिए जुड़े रहें।

हमारे WhatsApp और Telegram ग्रुप्स से जुड़ें ताकि आपको सभी लेटेस्ट अपडेट्स मिल सकें। अभी जुड़ें और कोई भी अपडेट मिस न करें!

Join Our Groups:
WhatsApp Group- Click here
Telegram channel- Click here

अधिक जानकारी के लिए नीचे कमेंट करें।

Comments (0)